नाटो मैं शामिल हुआ नॉर्थ मासी डोनिया

तमाम अटकलों के बावजूद नॉर्थ में सो डोनिया आखिरकार नाटो में शामिल हो ही है
इसी तरह नाटो में शामिल होने वाले होने वाला तीसवा देश बन गया
नॉर्थ मसीह डोनिया बाल्कन रीजन का एक लैंड लॉक देश है इसके पड़ोसी देश Albania, Serbia, Greece,Bulgaria सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसके सभी पड़ोसी देश पहले से ही NATO में शामिल हो चुके हैं सिर्फ Serbia को छोड़कर
क्योंकि Serbia हमेशा से ही रूस का पक्षधर रहा है

वैसे तो दुनिया में कई संगठन है लेकिन तमाम संगठनों में जो न सिर्फ काफी पुराना बल्कि आज की तारीख में दुनिया के सबसे ताकतवर संगठनों में से एक
इस संगठन का नाम है नॉर्थ North Atlantic treaty organisation जी हां वैसे तो NATO का जन्म होता है 4 अप्रैल 1949 लेकिन NATO के बनने की असली कहानी शुरू होती है इसके तकरीबन 1 साल पहले यानी 1948 में उस समय नहीं जब treaty of Brussels की संधि पर हस्ताक्षर किया करता बल्कि उससे भी थोड़ी समय पहले यानी 24 जून 1948 का वह दिन जब Soviet Union ने Berlin ऊपर blocked लगाया
यूरोप को यह बातें पूरी तरह से confirm हो गई कि भले ही हिटलर यूरोप में ना बचा हो लेकिन Soviet Union के रूप में हिटलर से भी बड़ा दुश्मन इन लोगों के सामने खड़ा हो गया इसी वजह से 17 मार्च 1948 में UK France Belgium Netherland Luxembourg देशों ने मिलकर एक treaty साइन की जिसके चलते अगर इनमें से किसी भी देश के ऊपर हमला होता है तो उसे इन तमाम देशों के ऊपर हमला माना जाए इन लोगों का एकजुट होकर इस तरीके की treatyको sign करने का मुख्य कारण था world war 2 जैसा कि हम सभी जानते हैं world war 2 की वजह से यूरोप पूरी तरह से तबाह हो चुका था बल्कि उस वक्त तो यूरोप के पास तो इतना पैसा भी नहीं था कि world war 2के बाद खुद को फिर से खड़ा कर सके वास्तव में उस वक्त यूरोप को financially support करने के लिए अमेरिका द्वारा1948मे एक Marshall plan introduce किया गया
जिसके तहत अमेरिका ने यूरोप को rebuild करने के लिए 12 बिलियन डॉलर जो आज के हिसाब से 100 मिलियन डॉलर बनते हैं की मदद की बल्कि यह भी कहां जा सकता है कि यह मार्शल प्लान ही असली वजह है जिसे आधार बनाकर यह भी treaty sign की गई क्योंकि इस मार्शल प्लान के बाद अमेरिका के पास एक genuin कारण था कि यूरोप के अंदर अपने investment को protectकरने के लिए जो भी जरूरी लगे हो करें क्योंकि इसके बाद 24 जून 1948 को जब Soviet Unionने बर्लिन के अंदर Blocked लगाया तब यह बातें पूरी तरह कंफर्म हो गई कि अब किसी को तो यूरोप के अंदर Soviet Unionके सामने खड़ा होना पड़ेगा न ही तो Soviet Unionधीरे धीरे करके पूरे का पूरा यूरोप खा जाएगा और जैसा कि सभी जानते हैं कि उस वक्त किसी एक देश के लिए सोवियत यूनियन के सामने खड़ा होना संभव नहीं था
और इसी वजह से 4 अप्रैल 1949 अमेरिका कनाडा जो कि अमेरिकी महाद्वीप के देश उनके साथ मिलकर 10 और यूरोपीय देश ब्रिटेन और फ्रांस को शामिल करते हुए North Atlantic treaty sign की गयी
जिसका सबसे महत्वपूर्ण भाग्- 15 जिसके तहत अगर इनमें से किसी भी एक देश के ऊपर हमला होता है तो इन तमाम देशों के ऊपर हमला माना जाए
अगर पूरी ईमानदारी से बात करी जाए तो यही एकमात्र कारण है कि इतने सालों में पहले के सोवियत यूनियन और आज के रूस को यूरोप के किसी देश के ऊपर हमला करने से रोका जैसा कि आप जानते हैं कि कुछ वर्ष पहले 2014 में रूस ने यूक्रेन के क्रीमिया के हिस्से को कब्जा लिया था वहां पर गौर करने वाली बात यह है कि अगर यूक्रेन उस समय नाटो का सदस्य होता तो रूस कभी क्रीमिया पर कब्जा नहीं कर पाता

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